देश के लाखों छात्रों के लिए CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 कई अहम बदलाव लेकर आ रही है। इस बार परीक्षा प्रणाली, पात्रता नियम, दोबारा परीक्षा का मौका और अनुशासन से जुड़े निर्देशों में संशोधन किए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और परिणाम प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
दो बोर्ड परीक्षा का विकल्प
नई व्यवस्था के अनुसार कक्षा 10 के छात्रों को अब एक से अधिक बार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
छात्र मुख्य परीक्षा देने के बाद अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए सीमित विषयों में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।
यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप लिया गया है ताकि छात्रों को सुधार का अवसर मिल सके और एक ही परीक्षा पर भविष्य निर्भर न रहे।
किन छात्रों को मिलेगा दोबारा परीक्षा का मौका
दूसरी परीक्षा का विकल्प उन्हीं छात्रों को मिलेगा जिन्होंने मुख्य परीक्षा में कम से कम निर्धारित विषयों में भाग लिया हो।
इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सुधार परीक्षा का लाभ उन्हीं छात्रों को मिले जिन्होंने पहले परीक्षा दी है।
पात्रता के नियम क्या हैं
CBSE के नियमों के अनुसार बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य है।
स्कूल उपस्थिति का न्यूनतम प्रतिशत पहले की तरह लागू रहेगा और इसी आधार पर एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा।
परीक्षा अनुशासन और समय से जुड़े निर्देश
बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी है।
छात्रों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा और निर्धारित समय के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा।
परीक्षा में प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड और पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य रहेगा।
परीक्षा का उद्देश्य क्या है
नई परीक्षा व्यवस्था का मकसद सिर्फ अंक देना नहीं बल्कि सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।
बोर्ड चाहता है कि छात्र दबाव में नहीं बल्कि बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा दें।
दो परीक्षा का विकल्प छात्रों को मानसिक राहत देगा और उनके भविष्य के अवसर बढ़ाएगा।
परिणाम और भविष्य पर असर
नई व्यवस्था के लागू होने से बोर्ड परिणाम समय पर जारी करने की योजना बना रहा है।
इससे कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया भी तेज होगी और छात्रों को समय पर आगे की पढ़ाई की दिशा मिल सकेगी।
छात्रों को क्या तैयारी करनी चाहिए
छात्रों को अब परीक्षा को एक अवसर की तरह देखना चाहिए।
सिर्फ पास होने के लिए नहीं बल्कि बेहतर अंक लाने के लिए रणनीति बनानी होगी।
स्कूल उपस्थिति, समय प्रबंधन और नियमित अभ्यास इस बार और ज्यादा जरूरी हो जाएगा।