भारत का केंद्रीय बजट 2026-27 देश की अर्थव्यवस्था, टैक्स सिस्टम और आम लोगों की जेब पर बड़ा असर डालने वाला माना जा रहा है। खासतौर पर मिडिल क्लास इस बजट से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है, क्योंकि महंगाई, लोन की ईएमआई, शिक्षा-स्वास्थ्य खर्च और टैक्स बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस बार सरकार के सामने चुनौती यह है कि आर्थिक विकास को बनाए रखते हुए राजकोषीय घाटा भी नियंत्रित रखा जाए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार मिडिल क्लास को बड़ी टैक्स राहत दे पाएगी या फिर केवल सीमित राहत ही मिलेगी।
मिडिल क्लास की उम्मीदें
मिडिल क्लास की सबसे बड़ी मांग आयकर में राहत को लेकर है। लोग चाहते हैं कि टैक्स स्लैब बढ़े, स्टैंडर्ड डिडक्शन में इजाफा हो और निवेश पर मिलने वाली छूट की सीमा भी बढ़ाई जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टैक्स राहत दी जाती है तो इससे उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा, जिससे बाजार और उद्योग दोनों को फायदा मिलेगा।
सरकार की आर्थिक मजबूरी
हालांकि सरकार के सामने कई वित्तीय दबाव भी हैं।
- बुनियादी ढांचे पर भारी खर्च
- रक्षा बजट
- सामाजिक योजनाओं के लिए फंड
- राज्यों को मिलने वाला हिस्सा
केंद्र ने राज्यों को मिलने वाले कर हिस्से को लगभग 41 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला किया है, जिससे राज्यों को वित्तीय सहयोग जारी रहेगा।
लेकिन इसका मतलब यह भी है कि केंद्र के पास खर्च करने के लिए सीमित संसाधन बचते हैं। ऐसे में बड़ी टैक्स राहत देना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।
रोजगार और विकास पर फोकस
बजट में रोजगार, उद्योग, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने की रणनीति दिखाई दे सकती है। सरकार का मानना है कि अगर रोजगार बढ़ेंगे तो आय बढ़ेगी और टैक्स बोझ का असर खुद कम हो जाएगा।
इसके अलावा डिजिटल इकोनॉमी, विनिर्माण, ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी जोर रहने की संभावना है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
विपक्ष और विशेषज्ञों की राय
कुछ राजनीतिक दल और आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि बजट आम लोगों को सीधे राहत देने में कमजोर साबित हो सकता है। आलोचकों का कहना है कि महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर ज्यादा ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा
अगर टैक्स में राहत मिलती है तो मिडिल क्लास की बचत बढ़ेगी और खर्च करने की क्षमता भी मजबूत होगी।
लेकिन अगर सरकार निवेश और विकास को प्राथमिकता देती है, तो इसका फायदा लंबी अवधि में मिलेगा, जबकि तात्कालिक राहत सीमित हो सकती है।
आगे क्या देखना जरूरी
इस बजट में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार संतुलन कैसे बनाती है —
एक तरफ आर्थिक विकास और दूसरी तरफ आम लोगों को राहत।
यही तय करेगा कि बजट 2026-27 मिडिल क्लास के लिए राहत वाला साबित होगा या निराशा वाला।