इनकम टैक्स 2026: नए नियमों से आपकी सैलरी कैसे बढ़ेगी? पूरी जानकारी और टैक्स में राहत के बदलाव

नई दिल्ली — सरकार ने इनकम टैक्स नियमों (Income Tax Rules, 2026) का नया ड्राफ्ट जारी कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला है। इसके लागू होने से आम वेतनभोगी लोगों की इन‑हैंड सैलरी यानी हाथ में मिलने वाली सैलरी में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

आखिर नए इनकम टैक्स नियमों से आपकी सैलरी पर क्या असर पड़ेगा, कौन‑कौन से बदलाव होंगे और यह कैसे टैक्स को कम करेगा — आइए विस्तार से जानते हैं।

नए टैक्स नियम क्यों लाए जा रहे हैं?

इन नए नियमों का लक्ष्य है:

  • टैक्स की जटिलता को कम करना
  • कम टैक्स देना और मध्यम वर्ग को राहत देना
  • वेतनभोगियों की इन‑हैंड सैलरी बढ़ाना
  • HRA, एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंसेज़ जैसे लाभों को बढ़ाना

सरकार 1961 के पुराने इनकम टैक्स नियमों की जगह Income Tax Rules, 2026 लागू कर रही है, जिससे टैक्स कैलकुलेशन सिस्टम और सुलभ होगा।

सैलरी पर सबसे बड़ा असर: टैक्सेबल इनकम में कटौती

ड्राफ्ट नए नियमों में कुछ बड़े सुधार किए जा रहे हैं, जिनके कारण टैक्सेबल इनकम कम होगी और आपका हाथ में मिलने वाला वेतन (Take‑Home Salary) बढ़ेगा। उदाहरण के तौर पर:

  • बच्चों की शिक्षा के लिए अब करीब ₹72,000 तक एजुकेशन अलाउंस टैक्स‑फ्री होगा।
  • हॉस्टल अलाउंस में भी मिल रही छूट लगभग ₹2,06,000 तक होगी।
  • HRA अलाउंस को बढ़ाकर करीब ₹7,50,000 तक टैक्स‑फ्री किया जा रहा है।

इन सब छूटों से टैक्सेबल इनकम घटकर बहुत नीचे आ सकती है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी की इनकम 15 लाख रु. है, तो टैक्स की रकम कम होकर उसकी कुल बचत बढ़ सकती है।

टैक्स स्लैब और बचत

नया टैक्स ड्राफ्ट लागू होने के बाद भी स्लैब रेट्स में ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन दिए जा रहे कटौतियों और छूटों की वजह से आपका टैक्स बड़ा कम हो सकता है। उदाहरण के लिए, नए टैक्स नियमों के तहत Education, Hostel और HRA छूटों के साथ टैक्सेबल इनकम कम होना संभावित है।

यह नियम कब लागू होंगे?

सरकार ने कहा है कि यह नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। यह बदलाव यूनियन बजट 2026 में भी अनुमानित थे और इसे नए Income Tax Act 2025 के तहत पेश किया जा रहा है।

क्या इससे टैक्स स्लैब बदलेंगे?

हालांकि टैक्स स्लैब में बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ है, लेकिन कुछ आवश्यक बदलाव जैसे Standard Deduction के अलावा HRA और Education/Hostel Allowance में बढ़ोतरी आपकी कुल टैक्स देयता को कम कर देगी। उदाहरण के तौर पर:

नई टैक्स स्लैब (नया टैक्स रेजीम) — FY 2026‑27:

  • Hasta ₹4,00,000 — टैक्स नहीं
  • ₹4,00,001 से ₹8,00,000 — 5%
  • ₹8,00,001 से ₹12,00,000 — 10%
  • ₹12,00,001 से ₹16,00,000 — 15%
  • ₹16,00,001 से ₹20,00,000 — 20%
  • ₹20,00,001 से ₹24,00,000 — 25%
  • ₹24,00,001 से ऊपर — 30%

इसका सीधा मतलब है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस स्लैब में टैक्स‑फ्री इनकम पाने के काबिल होंगे और टैक्स की दर उनके लिए कम प्रेशर वाली रहेगी।

नियमों से मिलने वाले फायदे

  • वेतनभोगी लोगों की टैक्स टैग कम होगा
  • टैक्स योग्य आय घटने से Take‑Home Salary बढ़ेगी
  • HRA और अलाउंस छूट से सालाना लाखों रुपये की बचत संभव
  • टैक्स प्लानिंग आसान और लाभ‑प्रद

सालाना नामांकन के अनुसार कई लोगों की कुल टैक्स देयता में लगभग ₹1.3 लाख तक प्रमुख बचत भी की जा सकती है।

क्या सबको फ़ायदा मिलेगा?

जी नहीं — सिर्फ़ वेतनभोगी और मध्यम वर्गीय टैक्सपेयर्स को ही बड़ी छूट मिलेगी। जिनकी सैलरी बहुत कम है, उन्हें पहले से ही टैक्स‑फ्री सीमा के भीतर राहत मिल रही है और उच्च इनकम ग्रुप वाले लोगों पर टैक्स दर वैसी‑की‑वैसी बनी रह सकती है।

निष्कर्ष

  1. नए इनकम टैक्स रूल्स 2026 आने से टैक्स देयता कम होगी।
  2. HRA, एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंस जैसी छूटों के कारण आपकी **इन‑हैंड सैलरी बढ़ सकती है।**
  3. नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और लाखों मध्यम‑वर्गीय लोगों को टैक्स राहत मिलेगी।

अब आप चाहें तो अपने टैक्स स्लैब के आधार पर खुद कुछ कैलकुलेशन भी कर सकते हैं और देख सकते हैं कि यह बदलाव आपके लिए कितना फायदे वाला रहेगा।

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