से रोज़ाना करोड़ों लोग सफर करते हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने रात में यात्रा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम तय किए हैं। अगर आप ट्रेन से रात में सफर करते हैं, तो इन नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
रात 10 बजे के बाद क्या बदल जाता है?
रेलवे के नियमों के अनुसार रात 10 बजे के बाद को “साइलेंट आवर” माना जाता है। इसका मतलब है कि इस समय के बाद यात्रियों को शोर-शराबा नहीं करना चाहिए ताकि बाकी लोग आराम से सो सकें।
महत्वपूर्ण नियम:
- मोबाइल पर तेज आवाज में बात करना या वीडियो चलाना मना है
- तेज म्यूजिक, ऊंची आवाज में बातचीत या बहस नहीं करनी चाहिए
- लाइट्स बंद रखने की सलाह दी जाती है, खासकर स्लीपर और एसी कोच में
इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लंबी दूरी के यात्रियों को पर्याप्त आराम मिल सके।
टीटीई रात में कब तक टिकट चेक कर सकता है?
रेलवे गाइडलाइन के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) रात 10 बजे के बाद यात्रियों को जगाकर टिकट चेक नहीं करता।
हालांकि कुछ स्थितियों में जांच हो सकती है:
- अगर कोई यात्री बिना टिकट हो
- सुरक्षा संबंधी जांच जरूरी हो
- विशेष निर्देश मिले हों
इसका मतलब है कि वैध टिकट वाले यात्रियों को रात में परेशान नहीं किया जाएगा।
मिडिल बर्थ से जुड़ा नियम
स्लीपर और एसी कोच में मिडिल बर्थ को लेकर भी नियम तय हैं।
समय सीमा:
- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक मिडिल बर्थ खोली जा सकती है
- दिन में 6 बजे से रात 10 बजे तक मिडिल बर्थ बंद रखना होगा
इस नियम का मकसद सभी यात्रियों को बैठने और आराम करने का संतुलित मौका देना है।
यात्रियों के अधिकार भी जान लें
रेलवे नियम सिर्फ पाबंदियां नहीं लगाते, बल्कि यात्रियों को कुछ अधिकार भी देते हैं।
यात्री अधिकार:
- रात में अनावश्यक जांच से सुरक्षा
- शांत वातावरण में आराम करने का अधिकार
- सीट पर जबरन कब्जा नहीं किया जा सकता
- बुजुर्ग, महिला और बच्चों की सुरक्षा रेलवे की जिम्मेदारी
यदि कोई यात्री नियम तोड़कर दूसरों को परेशान करता है, तो शिकायत टीटीई या रेलवे हेल्पलाइन पर की जा सकती है।
सुरक्षा के लिए क्या करें?
रात में यात्रा करते समय कुछ सावधानियां रखना भी जरूरी है:
- अपने सामान को चेन या लॉक से सुरक्षित रखें
- अजनबियों से खाने-पीने की चीज न लें
- टिकट, आईडी और मोबाइल पास रखें
- जरूरत पड़ने पर 139 रेलवे हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें
क्यों बनाए गए ये नियम?
रेलवे के मुताबिक, लंबी दूरी की यात्रा में रात का समय सबसे संवेदनशील होता है। यात्रियों को आराम मिले, विवाद कम हों और सुरक्षा बेहतर रहे — इसी उद्देश्य से ये नियम लागू किए गए हैं।
इन नियमों के पालन से न केवल आपकी यात्रा आरामदायक होगी बल्कि दूसरे यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।