राजस्थान के जोधपुर से सामने आई एक घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां एक युवक को मजबूरी में बीमार व्यक्ति को स्कूटर पर बैठाकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक ले जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि मरीज की हालत गंभीर थी और समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल सकी, इसलिए युवक ने इंतजार करने के बजाय खुद ही जिम्मेदारी उठाई।
अचानक बिगड़ी तबीयत, शुरू हुआ संघर्ष
जानकारी के अनुसार मरीज की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। परिजनों ने तुरंत मदद के लिए फोन किए और एम्बुलेंस बुलाने की कोशिश की, लेकिन मदद पहुंचने में देर हो रही थी। ऐसे में युवक ने वक्त गंवाना सही नहीं समझा और मरीज को सहारा देकर स्कूटर पर बैठाया तथा सीधे अस्पताल की ओर निकल पड़ा।
रास्ते भर वह मरीज को संभालते हुए तेजी से अस्पताल पहुंचा। अस्पताल के गेट पर मौजूद लोगों ने यह दृश्य देखा तो कई लोग हैरान रह गए। किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल, लोग बोले – यह सिस्टम की सच्चाई है
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया तेज हो गई। कई लोगों ने युवक की हिम्मत और इंसानियत की तारीफ की। वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब इमरजेंसी मेडिकल सेवा मौजूद है तो मरीज को इस तरह ले जाने की नौबत क्यों आई।
कुछ यूजर्स ने लिखा कि छोटे शहरों और कस्बों में एम्बुलेंस सेवा की उपलब्धता अभी भी चुनौती बनी हुई है। उनका कहना है कि अगर आपातकालीन सेवाएं समय पर मिलें तो कई जानें बच सकती हैं।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामला चर्चा में आने के बाद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने भी इस घटना पर ध्यान दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जाएगी कि उस समय एम्बुलेंस उपलब्ध क्यों नहीं हो सकी और क्या कॉल रिस्पॉन्स में कोई देरी हुई थी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई की जा सकती है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह चर्चा शुरू कर दी है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम का मजबूत होना उतना ही जरूरी है जितना अस्पताल में इलाज की सुविधा होना।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता और समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर मरीज समय पर अस्पताल पहुंच जाए तो इलाज के मौके बढ़ जाते हैं।
इंसानियत की मिसाल भी बना यह मामला
हालांकि इस घटना ने सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन साथ ही युवक की समझदारी और जिम्मेदारी की भी सराहना हो रही है। कई लोगों ने कहा कि उसने जो किया, वह किसी की जान बचाने की कोशिश थी और यही असली मानवता है।