नई दिल्ली — भारत सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए उपयोग प्रतिबंध लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मामले में स्पष्ट किया कि सरकार इस दिशा में नियम और सुरक्षा उपायों पर काम कर रही है।
सरकार ने बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे Meta, Instagram, Facebook, X और YouTube से चर्चा शुरू कर दी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों की सुरक्षा और डेटा गोपनीयता बनी रहे।
सोशल मीडिया पर उम्र प्रतिबंध क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा, साइबर धमकियां, फेक न्यूज, और डेटा की चोरी जैसी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।
दुनिया भर में कई देशों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं:
- ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2025 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया।
- फ्रांस ने भी इसी तरह के उम्र-आधारित नियम लागू किए।
भारत में भी इसी तरह के नियम लागू करने पर गंभीर विचार चल रहा है।
आईटी मंत्री का बयान
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बच्चों की सुरक्षा और डेटा संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल माध्यमों में बच्चों की गोपनीयता बनाए रखना और गलत कंटेंट से बचाना प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा:
“हम चाहते हैं कि सोशल मीडिया कंपनियां भारत के कानून और संवैधानिक मानकों के अनुसार काम करें। बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उचित नियम बनाए जाएंगे।”
संभावित नियम और प्रक्रिया
सरकार द्वारा प्रस्तावित नियमों के मुख्य बिंदु हो सकते हैं:
- 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर खाता न बनाना।
- पेरेंटल कंट्रोल और उम्र सत्यापन प्रक्रिया लागू करना।
- प्लेटफॉर्म पर बच्चों के डेटा और गोपनीयता की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- डिजिटल लत और साइबर धमकियों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाना।
इन नियमों को लागू करने के लिए Digital Personal Data Protection Act और IT Intermediary Guidelines & Digital Media Ethics Rules, 2021 में संशोधन किया जा सकता है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए नियम आवश्यक हैं, लेकिन इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए:
- उम्र सत्यापन की मजबूत प्रक्रिया
- पेरेंटल कंट्रोल की सुविधा
- सोशल मीडिया कंपनियों का सहयोग
यह सब जरूरी है। केवल प्रतिबंध लगाना पर्याप्त नहीं होगा।
निष्कर्ष
भारत सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर उम्र आधारित प्रतिबंध लगाने की दिशा में विचार कर रही है। अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
यह कदम बच्चों की डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी नियम बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी को ध्यान में रखकर लागू किए जाएंगे।