उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के लिए बड़ा बजट पेश किया है, जिसका आकार करीब ₹7 लाख करोड़ से अधिक बताया जा रहा है। यह अब तक के सबसे बड़े बजटों में से एक है। इस बार सरकार ने साफ तौर पर तीन वर्गों पर खास ध्यान दिया है — महिलाएँ, किसान और युवा।
सरकार का दावा है कि यह बजट विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तीनों को साथ लेकर चलने वाला है।
महिलाओं के लिए बजट में क्या मिला
महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं के लिए बजट बढ़ाया गया है।
मुख्य आंकड़े:
- महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए हजारों करोड़ का प्रावधान
- पोषण और मातृ स्वास्थ्य योजनाओं के लिए बजट में वृद्धि
- महिला कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त फंड
- ग्रामीण महिलाओं के रोजगार कार्यक्रमों का विस्तार
सरकार का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में लाखों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए।
किसानों के लिए बजट में बड़ा निवेश
कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए बजट में कृषि और ग्रामीण विकास को बड़ा हिस्सा मिला है।
कृषि से जुड़े प्रमुख प्रावधान:
- सिंचाई परियोजनाओं के लिए कई हजार करोड़ रुपये
- कृषि मशीनरी सब्सिडी योजनाओं का विस्तार
- फसल भंडारण और कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की योजना
- मंडियों को डिजिटल और आधुनिक बनाने का प्रस्ताव
सरकार का लक्ष्य है कि खेती की लागत घटे और किसानों की आय बढ़े।
युवाओं के लिए रोजगार और स्किल मिशन
युवाओं के लिए बजट में रोजगार और कौशल विकास पर जोर दिया गया है।
युवाओं से जुड़े प्रमुख बिंदु:
- नए स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने का प्रस्ताव
- स्टार्टअप फंडिंग और इनक्यूबेशन कार्यक्रमों का विस्तार
- टेक्निकल संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए बजट
- सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को तेज करने का संकेत
सरकार का कहना है कि इससे लाखों युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च
राज्य में सड़कों, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी भारी निवेश की घोषणा की गई है।
मुख्य विकास योजनाएँ:
- एक्सप्रेसवे और सड़क परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये
- जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव
- सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम की योजना
- शहरी विकास और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा
इन निवेशों से निर्माण क्षेत्र और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सामाजिक योजनाओं पर भी जोर
गरीब और कमजोर वर्गों के लिए भी बजट में पर्याप्त प्रावधान रखा गया है।
इनमें शामिल हैं:
- वृद्धावस्था और सामाजिक पेंशन योजनाओं का विस्तार
- राशन और पोषण योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट
- ग्रामीण आवास योजनाओं में नए लक्ष्य
- पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के लिए धन
सरकार का कहना है कि विकास तभी सफल है जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
आम जनता के लिए इसका मतलब
इस बजट का असर कई स्तरों पर दिख सकता है:
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं
- महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की योजनाएँ तेज होंगी
- किसानों को लागत कम करने में मदद मिल सकती है
- युवाओं के लिए स्किल और नौकरी के मौके बढ़ सकते हैं
अगर योजनाएँ जमीन पर सही लागू होती हैं, तो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत गति मिल सकती है।